Yogi 2.0: जानिए कौन है कैबिनेट मंत्री Baby Rani Maurya, जिन्होंने Swami Prasad को बताया अवसरवादी- watch video

28 Mar, 2022

Baby Rani Maurya on swami Prasad Maurya: Uttar Pradesh की Yogi Adityanath Government 2.0 में कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाली विधायक Baby Rani Maurya ने पूर्व मंत्री Swami Prasad Maurya को नया नाम दिया। Baby Rani Maurya ने कहा विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले बड़े ही अवसरवादी Swami Prasad Maurya ने अपने कुछ साथियों के साथ BJP को छोड़ दिया। उनके इस कृत्य से यही लगता है कि वह BJP में बस अवसर खोजने आए थे। BJP को छोड़कर Samajwadi Party में अपना भविष्य तलाशने वाले Swami Prasad Maurya को क्या मिला, आप खुद देखिए। विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब कहीं के नहीं हैं।

 

भाजपा ने दलितों को आगे बढाने का काम किया

उन्होंने केशव प्रसाद मौर्या के द्वारा लगाए गये आरोपों को जूठा बताते हुए मोदी और योगी की सराहना भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं खुद एक जाटव समाज से आती हूं और एक दलित नेता को मंत्री बनाकर भाजपा ने दलितों को आगे बढाने का काम किया है।  

 

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25 मार्च को ली थी शपथ 

आपको बता दें कि 25 मार्च को सीएम योगी समेत कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। जिनमे इन शपथ लेनें वाले नेताओं में एक नाम Baby Rani Maurya का भी है। बेबी रानी मौर्या को योगी सरकार में इस बार मंत्री बनाया गया है। इस प्रकार यह साफ़ है कि योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में बेबी रानी मौर्य को अहम जिम्मेदारी मिलने जा रही है।  

 

बेबी रानी मौर्या का राजनीतिक करियर 

बेबी रानी मौर्या के राजनीतिक करियर की बात करे तो साल 1990 में उन्होंने साधारण भाजपा कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में कदम रखा था। साल 1997 में उन्हें भाजपा की अनुसूचित जाति (एससी) शाखा की पदाधिकारी नियुक्त किया गया। लगभग 4 साल इस पद पर कार्य करने के बाद वे 2001 में राज्य समाज कल्याण बोर्ड की सदस्य बनीं तो अगले ही साल यानी साल 2002 में वे राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य बन गयी। लगभग 5 साल इस पद पर कार्य करने के बाद उन्होंने साल 2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव की एत्मादपुर सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उस सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके करियर में असली बदलाव साल 2018 में आया। जब उन्हें उत्तराखंड राज्य का राज्यपाल बनाया गया और इस पद पर रहते हुए उन्होंने कुछ सालों तक काम भी किया। 

 

साल 2022 में दर्ज की जीत 

वहीं साल 2007 में हार का सामना करने वाली बेबी रानी मौर्या को इस बार विधानसभा चुनाव की आगरा ग्रामीण सीट से उमीदवार बनाया गया था। योगी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए बेबी रानी मौर्या  ने 76,608 मतों के भारी अंतर से बड़ी जीत भी दर्ज की।

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