Jr NTR द्वारा ली जाने वाली हनुमान दीक्षा का महत्व, अवधि और नियम जानें

20 Apr, 2022
Twitter Jr NTR द्वारा ली जाने वाली हनुमान दीक्षा का महत्व, अवधि और नियम जानें

Hanuman Deeksha 2022: पिछले कुछ समय से सिनेमाघरों में साउथ की फिल्मों का डंका खूब तेजी से बज रहा है। पुष्पा, फिल्म से लेकर KGF चैप्टर 2 और डायरेक्टर एसएस राजामौली की बहुत ही चर्चित फिल्म RRR ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा कब्जा जमाया कि आज दुनियाभर में साउथ फिल्मों को लेकर लोग बहुत तेजी से आकर्षित हो रहे है।

 

जूनियर एनटीआर ने ली हनुमान दीक्षा 

इसी बीच, साउथ सिनेमा से एक ऐसी खबर सामने आयी है, जिसके बाद से साउथ के सबसे फेमस एक्टरों में शामिल जूनियर एनटीआर सोशल मीडिया की सुर्ख़ियों में आ गये है। दरअसल, RRR फिल्म के लीड एक्टर जूनियर एनटीआर ने फिल्म की सफलता को देखते हुए हनुमान दीक्षा ले ली है। 

 

सोशल मीडिया पर फोटो हो रही है जमकर वायरल 

पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर जूनियर एनटीआर की एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वो भगवा रंग का कुर्ता-पायजामा पहने, गले में माला और माथे पर तिलक लगाए नजर आ रहे हैं। 

 
 
 
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21 दिनों तक व्यतीत करेंगे सादा जीवन

दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जूनियर एनटीआर ने करीब 21 दिनों तक नंगे पैर रहने का प्रण भी किया है, इसके अलावा खबर आ रही है कि वे 21 दिनों तक दीक्षा के नियमों का पालन करने के लिए सात्विक भोजन भी खाने वाले हैं। यानी दुसरे शब्दों में कहे तो, इन दिनों में सादा जीवन व्यतीत किया जाता है।

 

राम चरण भी ले चुके है दीक्षा

वहीं, आपको बता दें कि जूनियर एनटीआर से पहले भी साउथ के एक बड़े सितारे ने भी दीक्षा ली थी। दरअसल, राम चरण ने भी  कुछ ही दिन पहले सबरीमाला मंदिर में अयप्पा दीक्षा ली थी। इस दौरान उन्होंने पूरे 41 दिनों तक नियम का पालन किया था। वहीं इस दीक्षा के अंतर्गत 41 दिनों तक न तो चप्‍पल पहनते हैं और ना ही नॉनवेज खाते हैं। इसके अलावा, सादा जीवन व्यतीत करते हुए जमीन पर सोना और ब्रह्मचर्य का पालन भी इस दीक्षा में करना पड़ता हैं। 

 

जानिए हनुमान दीक्षा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें 

हनुमान जयंती को तेलुगु भाषी लोगों द्वारा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 11, 21 और 41 दिवसीय हनुमान जयंती दीक्षा के साथ एक अनोखे तरीके से मनाया जाता है। चैत्र मास (अप्रैल) में पूर्णिमा के दिन से शुरू होकर 41 दिनों तक भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। वहीं साल 2022 में, दीक्षा 16 अप्रैल को शुरू होकर 25 मई तक है। हनुमान दीक्षा या दीक्षा (तपस्या) आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हजारों लोगों द्वारा मनाई जाती है।

 

इन कामों से रहना होता है दूर 

हनुमान दीक्षा एक ऐसा व्रत है जो अयप्पा भक्तों द्वारा सबरीमाला मंडलम के मौसम के दौरान मनाया जाता है। 41 दिनों की दीक्षा अवधि के दौरान, हनुमान भक्त घर पर विशेष पूजा करते हैं और शराब, मांस, धूम्रपान और सेक्स से दूर रहते हैं। व्रत अवधि के दौरान भक्त विशेष हनुमान दीक्षा माला, नारंगी धोती पहनते हैं और बिना जूते के चलते हैं।

 

महत्वपूर्ण तीर्थ या मंदिरों की यात्रा के साथ समाप्त होती है तपस्या 

41 दिवसीय तपस्या आंध्र प्रदेश के महत्वपूर्ण तीर्थ केंद्रों या मंदिरों की यात्रा के साथ समाप्त होती है, जो हनुमान या भगवान राम को समर्पित हैं। जैसे- भद्राचलम राम मंदिर, विजयवाड़ा कनक दुर्गा मंदिर या करीमनगर जिले में कोंडागट्टू हनुमान तीर्थ केंद्र। इसके आलावा दीक्षा अवधि के 41 दिनों के दौरान, विभिन्न हनुमान और विष्णु मंदिरों में भक्तों के लिए निशुल्क सामुदायिक दोपहर के भोजन भी दिया जाता है।

 

 

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