Shardiya Navratri 2021 Durga Ashtami: जानें महागौरी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त, कन्या पूजन का क्या है महत्व

13 Oct, 2021

Shardiya Navratri 2021 Durga Ashtami: 

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से हो गई है। शारदीय नवरात्रि का कल महाअष्टमी तिथि है, यानी की कल 13 अक्टूबर को महागौरी की पूजा की जाएगी। नवरात्रि में कन्या पूजन (Kanya Pujan) का विशेष महत्व होता है। वैसे तो नवरात्रि के किसी भी दिन में आप कन्या पूजन कर सकते है।  लेकिन अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। 


Kanya Pujan क्यों किया जाता है 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नवरात्रि में अगर आपने कन्या पूजन या कन्या नहीं खिलाई तो व्रत का पूरा-पूरा लाभ आपको नहीं मिलता है। इसी वजह से जो पूरे 9 दिन नवरात्रि का व्रत करते हैं, और साथ ही जो पहला और आखिरी व्रत रखते हैं। उन सभी लोगों को कन्याओं को भोजन कराना चाहिए। साथ ही उनका पूजन करने के बाद दक्षिणा देकर उन्हें सम्मान के साथ विदा करना चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा बहुत प्रसन्न होती हैं, और आपको मनवांछित वस्तु भी देती हैं। 

 

मां महागौरी की पूजा मुहूर्त

अष्टमी तिथि की शुरुआत-  12 अक्टूबर को रात 9:48 मिनट से शुरू 

अष्टमी तिथि की समाप्ति- 13 अक्टूबर को रात 8, 7 मिनट तक जारी रहेगी। 

अमृत काल का समय-  सुबह 3:23 मिनट से 4:56 मिनट तक 

 

अष्टमी का चौघड़िया मुहूर्त 

लाभ –  सुबह 6:26 मिनट से शाम के 7:53 मिनट तक।

अमृत – सुबह 7:53 मिनट से रात 920 मिनट तक

शुभ – सुबह 10:46 मिनट से दोपहर 12:12 मिनट तक।

लाभ – सुबह 4:23 मिनट से शाम 5 :59 मिनट तक।


कन्या पूजा का महत्व 

मां गौरी की पूजा करने के साथ-साथ कुमारियों और ब्राह्मणों को भी खाना खिलाना चाहिए | खासकर कुमारियों को घर पर आदर के साथ बुलाएं, उनके हाथ-पैर धुलवाएं। फिर उन्हें आसन पर बिठाएं। उन्हें भोजन के लिए हलवा, पूड़ी और चने खिलाने चाहिए | भोजन कराने के बाद कुमारियों को आप कुछ न कुछ दक्षिणा दें। फिर उनके पैर छूकर उनसे आशीर्वाद ले लें। ऐसा करने से देवी मां अति प्रसन्न होती हैं और आपकी मन की मुरादें भी पूरी करती हैं ।


शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है।  इसका बहुत महत्व होता है। अष्टमी तिथि को मां दुर्गा का आठवां रूप मां महागौरी की उपासना की जाती है। अष्टमी और नवमी दोनों ही दिन कन्या पूजन कीया जाता है। इस साल 13 को अष्टमी पड़ रही है और 14 को नवमी। दरअसल इस साल नवरात्री 8 दिनों की ही है। 


 

माता महागौरी की पूजा विधि

अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें फिर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद आप घर के मंदिर में लकड़ी की चौकी पर ही महागौरी की मूर्ती या फिर तस्वीर स्थापित करें। फिर आप मां के आगे दीपक प्रजवल्लित करें और फल, फूल चढ़ाएं। मां की पूजा करने के बाद आरती करें। महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, उनका उपवास किया जाता है। 

 

महागौरी पूजा मंत्र 

बीज मंत्र: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

अन्य मंत्र:

माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना।

श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।।

 

महागौरी पूजा महत्व

मां महागौरी की पूजा करने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अपने पति की दीर्घायु के लिए इनकी पूजा की जाती है। तो वहीं कुंवारी कन्याओं को उनके मन के मुताबिक पति मिलता है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग मां महागौरी का विधिपूर्वक करते हैं, उनके घर में सुख-समृद्धि बरकरार रहती। 


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