Navratri Wishes and Status: आज से शुरू नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री

09 Oct, 2021

Shardiya Navratri 2021: 

आज से शुरू हुआ नवरात्रि का पावन पर्व। अब नौ दिनों तक पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। मां के सभी रूपों में एक अलग तरह की आभा और एक तरह की चमक देखने को मिलती है। मां दुर्गा की कृपा दृष्टि हमेशा सभी पर रहती है। नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें। शरद नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ दिन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इस दौरान लोग देवी के नौ रूपों की पूजा करते हैं और उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता है कि इन नौ दिनों में जो भी सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह पर्व बताता है कि झूठ कितना भी बड़ा हो और पाप कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की होती है।

नवरात्री का शुभ मुहूर्त

प्रतिपदा तिथि की शुरुआत: 6 अक्टूबर को शाम 04:35 मिनट से शुरू हो जाएगा 

प्रतिपदा तिथि की समाप्ति: 7 अक्टूबर को दोपहर 01:46 मिनट तक 

नवरात्री में घट स्थापना का समय 

नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहते हैं। घट स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। घट स्थापना शक्ति की देवी का आह्वान है। ऐसा माना जाता है कि गलत समय पर स्थापना करने से देवी मां क्रोधित हो सकती हैं। रात के समय और अमावस्या के दिन की स्थापना करना वर्जित है। घट स्थापना का सबसे शुभ समय प्रतिपदा का एक तिहाई बीत जाने के बाद होता है। अगर किसी कारणवश आप उस समय कलश की स्थापना नहीं कर पाते हैं तो अभिजीत मुहूर्त में भी इसे स्थापित कर सकते हैं। दिन के आठवें मुहूर्त को अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है। आम तौर पर यह 40 मिनट का होता है। हालांकि इस बार घाट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त नहीं है।

नवरात्री व्रत के क्या हैं नियम

- पूरी श्रद्धा से मां की पूजा करें।

- आप दिन में फल और दूध खा सकते हैं।

- शाम के समय मां की आरती करें।

- सभी को प्रसाद बांटें और फिर खुद भी खाएं। 

- फिर भोजन करें।

- हो सके तो इन दिनों भोजन न करें, केवल फलों का सेवन करें।

- अष्टमी या नवमी के दिन नौ कन्याओं को भोजन कराएं। उन्हें उपहार और दक्षिणा दें। 

- नवमी के दिन हवन करने के बाद ही व्रत खोलें।

नवरात्री पूजा की सामग्री

पूजा करने के लिए आपको चाहिए- मां दुर्गा की प्रतिमा या फिर उनकी फोटो, दुर्गा चालीसा व आरती की किताब, दीपक, घी/ तेल, फूल, फूलों का हार, पान, सुपारी, लाल झंडा, इलायची, बताशे या मिसरी, असली कपूर, उपले, फल व मिठाई, कलावा, मेवे, हवन के लिए आम की लकड़ी, जौ, वस्त्र, दर्पण, कंघी, कंगन-चूड़ी, सिंदूर, केसर, कपूर, हल्दी की गांठ और पिसी हुई हल्दी, पटरा, सुगंधित तेल, चौकी, आम के पत्ते, नारियल, दूर्वा, आसन, पांच मेवा, कमल गट्टा, लोबान, गुग्गुल, लौंग, हवन कुंड, चौकी, रोली, मौली, पुष्पहार, बेलपत्र,  दीपबत्ती, नैवेद्य, शहद, शक्कर, पंचमेवा, जायफल, लाल रंग की गोटेदार रेशमी चुनरी, लाल चूड़ियां, माचिस, कलश, साफ चावल, कुमकुम,मौली, श्रृंगार के सामान की जरूरत होती है। 







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