Fake TRP Racket Case: Mumbai Police का खुलासा, Republic TV ने पैसे देकर बढ़वाई TRP – Watch Video

08 Oct, 2020

Fake TRP Racket Case:  मुंबई पुलिस ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को फेक टीआरपी रैकेट का भंडाफोड़ किया और शहर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में अधिक जानकारी दी। पुलिस आयुक्त, परम बीर सिंह ने दावा किया कि चैनल टीआरपी रेटिंग और BARC द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं। मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने कहा कि मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अधिकारी उनके सहयोगियों के ठिकानों की तलाशी ले रहे हैं। "टीवी विज्ञापन उद्योग की कीमत 30,000-40,000 करोड़ रुपये है। दरें TRP के आधार पर तय की जाती हैं। भले ही TRP में मामूली बदलाव किए गए हों, लेकिन यह विज्ञापन को प्रभावित करता है। Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh ने Press Conference में खासतौर पर जिक्र किया कि Republic TV पर पैसे देकर TRP 'खरीदने' का शक है और इसकी जांच चल रही है। हालांकि, रिपब्लिक टीवी ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है।  पुलिस कमिश्नर ने कहा कि “फ्रॉड टीआरपी के रैकेट का पता बार्क की शिकायत के बाद की गई क्राइम ब्रांच की जांच में चला है।  इस रैकेट के जरिए टीआरपी को मैनुपुलेट किया जा रहा था और फेक एजेंडा चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि हमें फेक प्रोपेगैंडा यानी झूठी खबरें चलाने के धंधे की शिकायत मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने छानबीन की और इस रैकेट का भंडाफोड़ किया। रिपब्लिक के प्रमोटर और डायरेक्टर के खिलाफ जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों ने यह बात स्वीकार की है कि ये चैनल पैसे देकर टीआरपी बदलवाते थे। रिपब्लिक टीवी के बैंक अकांउट और एडवटाइजर्स से मिले फंड की जांच भी होगी। अगर कुछ आपत्तिजनक मिला तो बैंक खातों को फ्रीज भी किया जा सकता है।” मुंबई पुलिस प्रमुख ने कहा कि इस संबंध में जिन ग्राहकों से संपर्क किया गया, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें रिपब्लिक चैनल देखने के लिए पैसे दिए गए थे। उन्होंने अपने बयान भी दर्ज कराए हैं।  आरोपियों के खिलाफ विश्वास तोड़ने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया है। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

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