Unnao Rape case: कुलदीप सेंगर 1987 में था गांव का प्रधान, 2002 में कैसे बना विधायक

30 Jul, 2019

 बांगरमऊ के बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम रायबरेली के अतरुआ गांव के पास सड़क हादसे के बाद एक बार फिर से सामने आया है। 28 जुलाई 2019 को एक सफेद कार डीएल 1 सीएल 8642 को ट्रक नंबर यूपी 71 एटी 8300 ने टक्‍कर मार दी थी। पुलिस ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की है, वहीं 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्‍या का मुकदमा रायबरेली के गुरबख्‍शगंज थाने में केस दर्ज किया है। यह एफआईआर रायबरेली जेल में बंद पीडि़त किशोरी के चाचा के बयान के आधार पर खिली गई है। कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि उन्‍होंने किशोरी के साथ दुष्‍कर्म किया था। वहीं पीडि़ता के पिता को पीटने और झूठे मुकदमें में फंसाकर जेल भेजने का आरोप भी विधायक पर दर्ज है। इस मामले में सीबीआई ने चार केस दर्ज किए थे, जिसमें तीन में चार्जशीट दायर की जा चुकी है। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी 13 अप्रैल 2018 को हुई थी। 8 मई 2018 को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उन्‍नाव जेल से सीतापुर जेल भेज दिया गया। तब से विधायक इसी जेल में बंद हैं । कुलदीप सिंह सेंगर की राजनीति 1987 में शुरू हुई थी। शुरुआत में उन्‍होंने कांग्रेस का दामन थामा था। 2002 में जब उन्‍हें टिकट नहीं मिला तो वह बहुजन समाज पार्टी में पाला बदलकर आ गये, उन्‍हें उन्‍नाव की सदर सीट से टिकट मिला। इसके बाद यहां से कुलदीप सेंगर जीत गये, फिर बारी आई 2007 की । बसपा में जब मन नहीं लगा तो समाजवादी पार्टी में पहुंच गये। इस बार उनको समाजवादी पार्टी ने बांगरमऊ से टिकट दिया,  2007 में भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंच गये। समाजवादी पार्टी ने 2012 में उनकी सीट बदल दी और भगवंतनगर सीट से मैदान में उतारा। सेंगर यहां भी किस्‍मत के धनी रहे और 2012 का चुनाव भी जीत गये। 2017 में उन्‍होंने समाजवादी पार्टी की साइकिल छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये। इसके बाद बांगरमऊ से वह दोबारा जीतकर फिर से विधायक बन गये।

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